राजनीति

मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के मामले में फिसड्डी साबित हो रहा है ये प्रखंड

बाढ़(पटना)/बख्तियारपुर
बाढ़ अनुमंडल मुख्यालय से 35 किलोमीटर सुदूर प्रखंड  घोषबड़ी प्रखंड के 7 पंचायत मैं पैजूना पंचायत मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के मामले में फिसड्डी साबित हो रहा है इसका जड़ यह है कि इस पंचायत में 12 वार्ड और 6 वार्ड को आज से 6 माह पहले विकास के लिए चयन भी किया गया है लेकिन पैसे की चेक काटने के नाम पर जनप्रतिनिधि और वार्ड सदस्य के बीच ठन गई है मुखिया के द्वारा चेक पर हस्ताक्षर नहीं किए जाने के चलते इलाके का विकास कार्य बाधित है जिसके चलते इलाके का विकास नहीं हो पा रहा है इस बाबत प्रखंड विकास पदाधिकारी जयवर्धन गुप्ता मैं कई बार वार्ड सदस्य और मुखिया के बीच समन्वय बनाने की पहल भी की लेकिन आज तक यह पहल सफल नहीं हो सका है वार्ड सदस्य के द्वारा यह बताया जा रहा है कि मुखिया दबंग हैं और वह अपनी मनमानी के साए में अपने हिसाब से काम करवाना चाहते हैं जिसके चलते वह चेक पर साइन नहीं कर रहे हैं और इलाके का विकास बाधित पड़ा हुआ है मुखिया दिनेश गोप और उनका काम उन का छोटा भाई देखभाल करता है जो कि अपने तरीके से और अपने संरक्षण में अपने लोगों से कराना चाहते हैं तो फिर वैसे में वार्ड सदस्य का क्या महत्व रहा वार्ड सदस्य को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकार देकर अपने वार्ड का विकास में अपने हाथों से करने का अधिकार तो दे दिया लेकिन आज तक उन्हें यह अधिकार प्राप्त नहीं हो पा रहा है जिसके चलते वार्ड सदस्यों ने एकजुट होकर इस दबंग मुखिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है वार्ड सदस्यों ने इसकी लिखित शिकायत प्रखंड विकास पदाधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी बाढ़ जिलाधिकारी पटना सहित कई आला अधिकारी को शिकायत की है लेकिन आज तक हालात नहीं बदले हैं एक दर्जन वाले इस पंचायत में 10 वार्ड सदस्य मुखिया के खिलाफ चल रहे हैं जैसा कि वार्ड सदस्यों ने दावा किया है इस बाबत वार्ड सदस्यों ने इसकी लिखित शिकायत बाढ़ स्थित लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के कार्यालय में अर्जी डालकर की है लेकिन यहां भी अभी तक किसी जनप्रतिनिधि और अधिकारी की उपस्थिति नहीं होने के चलते सुनवाई चल रही है वार्ड सदस्यों का अलग-अलग कुछ कहना है वही मुखिया से मुलाकात हो पाना टेढ़ी खीर है जिसके चलते वार्ड सदस्य और मुखिया के बीच समन्वय बनते बनते बिगड़ जाती है हालांकि प्रखंड विकास पदाधिकारी का कहना है कि यथाशीघ्र पंचायत पटरी पर आ जाएगा लेकिन अभी तक विकास के नाम पर या पंचायत की फिसड्डी बना हुआ है वार्ड सदस्य यहां तक बताते हैं कि मुख्य के साथ-साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी भी उन पर मुखिया के माध्यम से  काम करवा की नसीहत दे रही हूं जिसके चलते वार्ड सदस्य एकजुट हो गए हैं

प्रखंड विकास पदाधिकारी जयवर्धन गुप्ता का कहना है कि वह लगातार मुखिया से समन्वय बनाने की प्रयास में जुटे हैं लेकिन अभी तक यह संभव नहीं दिख रहा है जिसके चलते पारिवारिक कई वार्ड सदस्यों ने एकजुट होकर मुखिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और हर हालत में मुख्यमंत्री के द्वारा दिए गए अधिकार का उपयोग करना चाहते हैं लेकिन दबंग मुखिया के सामने सब फीका पड़ रहा है अब देखना यह होगा कि सुदूर इलाके में जहां ग्रामीणों को बेहतर विकास की ज़रूरत थी वहां मुखिया और वार्ड सदस्यों के बीच खींचतान के चलते विकास विकास को फिर से पटरी पर लाने के लिए इस स्तर पर क्या प्रयास होती है यह देखने वाली बात होगी

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