नीतीश सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे तेजस्‍वी यादव, 5 जून के लिए विपक्षी दलों ने बनाई खास रणनीति

0
108

पटना. बिहार में आने वाले दिनों में राजनीतिक रस्‍साकसी बढ़ने के आसार हैं. प्रदेश की नीतीश सरकार जल्‍द ही सत्‍ता में डेढ़ साल पूरा करने वाली है. इसको लेकर सरकार की ओर से कोई तैयारी हो या न हो विपक्ष ने इस मौके को लेकर खास रणनीति तैयार की है. इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गठबंधन के सभी दलों के साथ मंगलवार को RJD कार्यलय में बैठक की है. इसमें प्रदेश सरकार पर हमला बोलने को लेकर बड़ी रणनीति बनाई गई है. सरकार के डेढ़ साल पूरा होने पर 5 जून को तेजस्वी यादव ने गठबंधन दलों के नेताओं के साथ मिलकर सरकार की पोल खोलने की तैयारी की है.

नीतीश सरकार अपने नए कार्यकाल का डेढ़ साल पूरा करने जा रही है. सरकार के 18 महीना पूरा होने के मौके पर नेता प्रतिपक्ष ने गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ मिलकर सरकार को घेरने की तैयारी की है. इसके लिए तेजस्वी ने आरजेडी कार्यालय में सहयोगी दल सीपीआई, सीपीआई (एम) और भाकपा-माले के नेताओं के साथ बैठक की और रणनीति बनाई. तेजस्वी यादव ने बताया कि नीतीश सरकार के डेढ़ साल पूरा होने वाले हैं. इस मौके पर पटना के बापू सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी सहयोगी दलों के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे.

नीतीश सरकार का रिपोर्ट कार्ड
विपक्षी दलों के इस कार्यक्रम में सरकार के डेढ़ साल पूरा होने पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया जाएगा. रिपोर्ट कार्ड में डेढ़ साल में सरकार द्वारा किए गए काम और उसकी नाकामियों का पूरा दस्तावेज सामने रखा जाएगा. तेजस्‍वी यादव ने कहा कि प्रदेश में मर्डर, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जिस कदर बढ़ा है, उसको लेकर तमाम विषयों पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया जाएगा. तेजस्वी ने बताया कि सरकार ने 19 लाख रोजगार देने का दावा किया था. अब सवाल यह है कि डेढ़ साल में सरकार कितना रोजगार दे पाई है?

हर महीने सभी दलों के नेताओं संग बैठक
गठबंधन दलों की बैठक में एक और बड़ा फैसला किया गया. अब हर महीने गठबंधन सभी सहयोगी दल के नेता साथ में मिलकर बैठक करेंगे. इसका उद्देश्य आपसी सामंजस्‍य को और ठीक करने के साथ-साथ सरकार की नाकामियों को उजागर करना और दबाब बनाना होगा. तेजस्वी यादव ने जानकारी देते हुए यह भी बताया कि सहयोगी दल कांग्रेस को बापू सभागार में होने वाले कार्यक्रम के लिए आमंत्रित कियाजाएगा, अगर पार्टी के नेता आना चाहें तो आ सकते हैं.