केबीसी हिमानी बुंदेला ने जीते 1 करोड़ रुपए, 7 करोड़ के इस सवाल का नहीं दें पाई जवाब

केबीसी टीवी के पॉपुलर गेम शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ ने ना जानें कितने लोगों की जिंदगी को बदला है। इस बार अमिताभ बच्चन के क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ का 13वां सीजन चल रहा है। ऐसे में 31 अगस्त (मंगलवार) को केबीसी के इस सीजन को अपना पहला करोड़पति आगरा की हिमानी बुंदेला के रूप में मिला हैं। दृष्टिहीन हिमानी बुंदेला ने 1 करोड़ रुपए के सवाल का सही आंसर देते हुए सीजन की पहली करोड़पति का खिताब हासिल किया है।

हिमानी बुंदेला बनीं करोड़पति

सोनी टीवी ऑफिशियल ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर शो की कुछ तस्वीरें भी शेयर की है, जिसके साथ ही जानकारी देते हुए बताया कि केसीबी-13 में आज (मंगलवार) के एपिसोड में पहली नेत्रहीन महिला करोड़पति बनकर हिमानी बुंदेला ने वो काम कर दिखाया हैं, जो आज तक कोई नहीं कर पाया। अपने ज्ञान से उन्होंने जीते 1 करोड़ रुपये और एक शानदार कार। दरअसल, सोमवार को हिमानी ने अपना शानदार खेल जारी रखते हुए 50 लाख रुपए जीत लिए थे, जिसके बाद मंगलवार को शो की शुरुआत उसके आगे से हुई।

1 करोड़ रुपये के लिए यह था 15वां सवाल

शो की शुरुआत अमिताभ बच्चन ने हिमानी से 1 करोड़ रुपये के लिए 15वां सवाल पूछने के साथ की थी। वो सवाल था: इनमें से कौन सा उपनाम नूर इनायत खान द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस में ब्रिटेन के लिए जासूस के रूप में काम करने के लिए इस्तेमाल किया गया था?

A. वेरा एटकिंस

B. क्रिस्टीना स्कारबेक

c. जुलिएन आइजनर

D. जीन मैरी रेनियर

खुशी से झूमने लगी हिमानी बुंदेला

हिमानी जिनके पास कोई लाइफ लाइन नहीं बची थी, उन्होंने अनुमान लगाया और कहा कि जय माता दी! नीचे गिरी तो कोई नई, भगवान की मर्जी है। सही उत्तर है जीन मैरी रेनियर, जिसका जवाब देने के बाद हिमानी ने 1 करोड़ रुपये का बड़ा इनाम जीता, जिसके बाद खुद अमिताभ भी खुशी से खड़े होकर ताली बजाने लग। इस दौरान हिमानी के पिता काफी इमोशनल हो गए। वहीं खुद करोड़पति बनने के बाद हिमानी की खुशी भी देखने लायक थी। बता दें कि हिमानी एक दृष्टिहीन कंटेस्टेंट हैं और उन्होंने एक करोड़ की धनराशि के साथ एक हुंडई कार भी अपने नाम की हैं।

7 करोड़ के सवाल का यह था सही आंसर

वहीं खेल को जारी रखते हुए उनसे 7 करोड़ के सवाल किया गया था कि डॉ. बीआर आंबेडकर द्वारा लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में प्रस्तुत हुए थीसिस का शीर्षक क्या था, जिसके लिए उन्हें 1923 में डॉक्टरेट की उपाधि दी गई थी?

A.द वांट्स एंड मीन्स ऑफ इंडिया
B.द प्रॉब्लम ऑफ रूपी
C. नेशनल डिविडेंट ऑफ इंडिया
D. द लॉ ऑफ लॉयर

कुछ देर इस सवाल पर सोचने के बाद हिमानी ने कहा कि पैसा उनके परिवार के लिए बहुत अहमियत रखता है और उन्होंने शो को क्विट करने फैसला किया। आपको बता दें कि इस सवाल का सही जवाब ‘द प्रॉब्लम ऑफ रूपी’ था।

आगरा की रहने वाली हिमानी पेशे से टीचर

हालांकि उनका सात करोड़ रुपए जीतने का सपना भले ही अधूरा रह गया हो, लेकिन वो इस सीजन की पहली करोड़पति बनी हैं। आपको बता दें कि हिमानी बुंदेला पेशे से टीचर हैं और आगरा के गुरु गोविंद नगर की रहने वालीं हैं। वह बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ ही दिव्यांग बच्चों के लिए अवेयरनेस प्रोग्राम भी चलाती हैं। शो के दौरान हिमानी ने बताया था कि जब वो 11वीं क्लास में थी, एक दुर्घटना की शिकार हो गईं, जिसके कारण उन्हें कई चोटें आईं थी।बाद में जब उन्हें अपनी आंख में कुछ तकलीफ का एहसास हुआ तो एक आई डॉक्टर को दिखाया, जिसने बताया कि एक्सीडेंट के कारण उनका रेटिना अपनी जगह से हट गया।