रोहतास : नक्सलियों के जेल ब्रेक की योजना नाकाम, दो कर्मी निलंबित, मेजर सार्जेंट से शो-कॉज

चर्चित बिहार सासाराम : रोहतास पुलिस की सूझबूझ के कारण शनिवार को नक्सलियों के जेल ब्रेक की योजना नाकाम हो गयी. पुलिस ने नक्सलियों के मंसूबे पर पानी फेरते हुए समय रहते करीब दो माह की मेहनत पर पानी फेर दिया.

रोहतास पुलिस के मुताबिक, सासाराम जेल से डेहरी कोर्ट में पेशी के लिए जानेवाले तीन नक्सलियों ने भागने की योजना बनायी. पुलिस को इसकी सूचना मिल गयी और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नक्सलियों के मंसूबे पर पानी फेर दिया. घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शनिवार की सुबह तीन कुख्यात नक्सली के फरार होने की योजना का पता चला. उन्होंने बताया कि तीनों नक्सली डेहरी कोर्ट जाने के दौरान रास्ते में सड़क जाम लगा कर उक्त वाहन से फरार होनेवाले थे. लेकिन, पुलिस को सूचना मिलते ही पुलिस ने कैदी वाहन को रोक दिया और दूसरे वाहन से पेशी के लिए डेहरी ले जाया गया.

पुलिस ने बताया कि कैदी वाहन का लोहे का फर्श नक्सलियों ने केमिकल डाल कर गला दिया था. योजना थी कि फर्श गल जाने के बाद कैदी जब सासाराम जेल से कोर्ट के लिए आते तो रास्ते में ही सुअरा मोड़ के पास उनके साथी सड़क जाम कर गाड़ी को विलंब कराते और नीचे से सड़े हुए फर्श के सहारे कुख्यात नक्सली फरार हो जाते.

दो माह से चल रही थी फरार होने की तैयारी

एसपी ने बताया कि नक्सलियों द्वारा इस योजना को करीब दो माह से अंजाम देने की तैयारी चल रही थी. दो माह की मशक्कत के बाद केमिकल ने अपना रंग दिखाया और कैदी वाहन के नीचे का चदरा गल गया. शनिवार को कुख्यात नक्सली अभय यादव, शंभू उर्फ शीतल और अजय खरवार की पेशी होनी थी.

दो कर्मी निलंबित, मेजर सार्जेंट से शो-कॉज

एसपी पीके मंडल ने बताया कि कांड के योजनाबद्ध करने में पुलिस की कार्यशैली भी संदिग्ध है. कैदी वाहन की देखरेख करने में लापरवाही बरतने के मामले में एमटी सार्जेंट मेजर रणधीर सिंह से शो-कॉज किया गया है. वहीं, एमटी जमादार तबारक मियां और वाहन चालक सिपाही महेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है. एसपी ने बताया कि पूरी घटना की जांच करायी जायेगी और दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी. साथ ही कैदी वाहन को शीघ्र मरम्मत कराने का आदेश दे दिया गया है.