इंसान विज्ञान के एवरेस्ट पर पहुँच कर भी तीन चीज़ें नहीं बदल सकता ; पहला- साँस लेने के हवा हीं चाहिए , दूसरा – पीने के लिए पानी हीं चाहिए और तीसरा – खाने के लिए अन्न हीं चाहिए

नागरिक समूहों ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर स्वच्छ वायु जन घोषणापत्रका विमोचन किया
दिल्ली की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने स्वच्छ वायुके विषय पर काम करने का वायदा किया

चर्चित बिहार :- नई दिल्ली, 11 जनवरी, 2020: दिल्ली के कई नागरिक समूहों ने ‘स्वच्छ वायु जन घोषणापत्र’ (People’s Manifesto for Clean Air) जारी किया, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दल इस पर विचार कर आगे कदम उठाएं। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘पीपुल्स मैनिफेस्टो’ का विमोचन आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कॉंग्रेस समेत प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के प्रेसिडेंट के साथ मिल कर किया। स्वच्छ हवा के लिए समर्पित इस जनघोषणापत्र को दिल्ली में पर्यावरण के विषय पर कार्यरत कई संगठनों तथा सिटिजन ग्रुप्स के साथ कई दौर के विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से तैयार किया गया है।

दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट आम जनता के लिए एक मौसमी और स्थानीय मुद्दे से कहीं आगे एक क्षेत्रीय संकट का रूप ले चुका है। ‘पार्टिकुलेट मैटर पॉल्यूशन’ (सूक्ष्म धूलकण जनित वायु प्रदूषण) से रोजाना करीब 80 लोगों की हो रही मौतों से दिल्ली का वायु प्रदूषण एक ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी’ बन गया है। मीडिया, मेडिकल रिपोर्ट और चिंतित नागरिकों द्वारा लगातार ध्यान दिलाए जाने के बावजूद वायु प्रदूषण को अब भी दिल्ली की नीतिगत संरचना में समुचित स्थान मिलना बाकी है। वर्ष 2020 का दिल्ली विधानसभा चुनाव आम लोगों के लिए राजनीतिक दलों से जानने का एक महत्वपूर्ण अवसर है कि दिल्ली की आबोहवा और एयर क्वालिटी को सुधारने को लेकर उनकी मंशा और प्रतिबद्धता क्या है।

‘ऊर्जा’ (URJA) के प्रेसिडेंट श्री अतुल गोयल ने इस अवसर पर कहा कि ‘‘दिल्ली ऐसे मजबूत नेतृत्व की आशा में है, जो संरचनात्मक सुधार लाए और शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए नीतियों में बदलाव लाए। दिल्ली की जनता अपने नेताओं से उम्मीद करती है कि वे नेतृत्व का प्रदर्शन करें और वायु प्रदूषण के संकट का समाधान का रास्ता दिखाएं। हालांकि पिछले कई वर्षों में प्रगति हुई है, लेकिन वायु गुणवत्ता की स्थिति अब भी गंभीर विषय बनी हुई है। निश्चय ही जो राजनेता ‘अब स्वच्छ हवा’ के मामले में ठोस परिणाम दे सकता है, वह आगामी चुनाव में मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है।’’

यह पीपुल्स मैनिफेस्टो दिल्ली में विकराल होती वायु प्रदूषण की समस्या के उपाय के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, ठोस कूड़ा एवं अपशिष्ट प्रबंधन, अक्षय ऊर्जा का अधिकाधिक इस्तेमाल और अंतरराज्यीय सहयोग को बढ़ावा जैसे समाधानों को प्रमुख रूप से प्रस्तुत करता है। इसमें कुछ खास लक्ष्य भी निर्धारित किए गए हैं, जो दिल्ली के नागरिक अगले पांच साल में संभव होता देखना चाहते हैं, जैसे वर्ष 2025 तक 15 हजार बसों को सड़कों पर चलाना, कूडे़-कचरे का घरों से 100 प्रतिशत उठाव, और सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए वर्ष 2025 तक वायु प्रदूषण में करीब 65 प्रतिशत की कमी करना।

इस मौके पर उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता श्री जयराम विप्लव, कॉंग्रेस की प्रवक्ता ज़रिता लैतफलांग, और आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता श्री घनेंद्र भारद्वाज ने अपनी पार्टी के घोषणापत्र के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में पीपुल्स मैनिफेस्टो को लेते हुए इसका समर्थन किया। ये राजनीतिक दल विभिन्न सिटीजन ग्रुप्स के साथ मिल कर दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए काम करेंगे।

दिल्ली के ‘फुटपाथ विक्रेता एकता मंच’ के प्रेसिडेंट श्री राम ने कहा कि ‘‘हम हॉकर्स हरेक दिन चौबीसों घंटे जहरीली एवं प्रदूषित हवा का सामना करते हैं। हम राजनीतिक दलों से अपील करते हैं कि अगले विधानसभा चुनाव में जन घोषणापत्र को उच्च प्राथमिकता देने पर विचार करें।’’

दरअसल इस जन घोषणापत्र का चुनाव में एक विशेष स्थान है : यह राजनीतिक दलों को एक मंच देता है कि वे अपने क्षेत्र में नागरिकों की जो प्रमुख विषय और समस्याएं हैं और जिन मुद्दों पर वे लड़ रहे हैं, उन पर अपनी प्रतिक्रिया दें। स्वच्छ हवा को समर्पित यह घोषणापत्र विभिन्न सिटीजन ग्रुप्स की एक साझा कोशिश है दिल्ली के वायु प्रदूषण के समाधान की, और ये नागरिक समूह चुनाव लड़ रहे सभी राजनीतिक दलों से यह मांग रखते हैं कि चुनाव बाद गठित होने वाली सरकार और पार्टियां इन समाधानों को अपनी प्राथमिकता और एजेंडे पर सर्वोपरि रखें।

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मुन्ना झा, सीड, mjha@ceedindia.org, 9570099300
अविनाश चंचल, ग्रीनपीस, avinash.kumar@greenpeace.org, 8789793832