सोशल मीडिया के लिए भाजपा का हर दिन का एक एजेंडा

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चर्चित बिहार नई दिल्ली.  ‘वर्ष 2019 में सिर्फ एक चुनाव नहीं होने जा रहा, यह सभ्यता की लड़ाई है। आप किस तरफ हैं तय करिए। यह तटस्थ रहने का समय नहीं है, अपने जनरल (इशारा मोदी की ओर) पर भरोसा करने का समय है।’ ट्विटर पर कॉलमिस्ट शेफाली वैद्य का यह मैसेज भाजपा की प्रचार रणनीति का हिस्सा है।

चुनावी बहस की दिशा तय करने में जुटी भाजपा
  1. दरअसल, भाजपा सोशल मीडिया पर रोज एक मुद्दा परोसकर, 2019 में चुनावी बहस की दिशा तय करने पर काम शुरू कर चुकी है। इसके लिए तीन मैराथन बैठकें हो चुकी हैं। दो बार दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में और एक बार इंडिया फाउंडेशन के बैनर तले तीनमूर्ति भवन में।
  2. बैठकों मेंं भाजपा-संघ की विचारधारा से जुड़े लेखक, सोशल मीडिया के प्रभावी चेहरे, चिंतक, स्तंभकार तथा मीडिया से जुड़े करीब 60 लोग शामिल रहे। इनमें स्मृति ईरानी, सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार, इंदिरा गांधी कला केंद्र के निदेशक राम बहादुर राय, कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी, माय-गव के डायरेक्टर रह चुके अखिलेश मिश्रा ने भी हिस्सा लिया।
  3. इनके अलावा पीएमओ के दो अधिकारी ओएसडी तथा परदे के पीछे रहकर पीएम मोदी के लिए सोशल मीडिया की रणनीति बनाने वाले डॉ. हिरेन जोशी और रिसर्च ऑफिसर यश गांधी भी बैठकों में रहे। सूत्र बताते हैं कि यह बैठक पीएमओ की पहल पर हुई थी। 2019 के चुनाव में किन मुद्दों को आगे बढ़ाया जाए, यह सीधे पीएमओ से तय हो रहा है।
  4. मोदी सरकार के पक्ष में बहस का माहौल तैयार करने के लिए कुछ ऐसे थिंक टैंक बनाए गए हैं, जो विभिन्न मुद्दों पर रोज रणनीति बना रहे हैं। फिर सोशल मीडिया का एजेंडा सेट कर रहे हैं। कैसे नया कंटेंट तैयार किया जाए? विरोधियों के बारे में क्या कहना है? इन सभी के लिए शब्दों का चयन आदि की योजना भी थिंक टैंक के जिम्मे है।
  5. सोशल मीडिया के साथ-साथ पीएमओ को जरूरी इनपुट कैसे दिया जाए? कैसी किताबें व लेख लिखे जाएं? इसकी योजना भी ये थिंकटैंक्स ही बना रहे हैं। इसके लिए बैठक में शामिल लोगों और लेखकों का एक व्हाट्सअप ग्रुप बनाया गया है, जिस पर रोजाना के एजेंडे पर चर्चा होती हैै।

    संघ की विचारधारा वाली रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी सभा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी फाउंडेशन, इंडिया फाउंडेशन जैसे थिंक टैंक्स को भी मोदी सरकार के पक्ष में माहौल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सकारात्मक बहस के जरिए भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए महासचिव राम माधव का ‘थिंक टैंक इंडिया फाउंडेशन’ भी सक्रिय है।

  6. मोदी सरकार के पक्ष में माहौल बनानेे के लिए स्वच्छता को बाल आंदोलन बनाने का भी सुझाव आया है। इस पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय को प्रस्ताव दिया गया है कि 2 अक्टूबर के आसपास तीन दिन तक देशभर में बच्चों को स्वच्छता से जोड़ा जाए। ये बच्चे स्वच्छता की अपील करेंगे। हालांकि कला केंद्र के सदस्य सचिव जोशी इन बैठकों को चुनाव या राजनीति से जोड़कर पेश करने के खिलाफ हैं।
  7. वे कहते हैं, ‘भारत की अवधारणा को लेकर सोशल मीडिया पर जो बहस होती है, उसमें सकारात्मक ढंग से अपनी बात कैसे रखें? धर्म, जाति, भाषा को लेकर सकारात्मक वातावरण कैसे बने? और समाज में सकारात्मकता कैसे रहे? इस पर बातचीत हुई है।’
  8. एजेंडे में इस तरह के ‘सकारात्मक’ मुद्दे

    मैला ढ़ोने वाली लड़की उबर चलाती है, चार साल में बदलाव कैसे आया है? दिव्यांगों के दो कैंपों को गिनीज बुक में कैसे शामिल कर लिया गया? आपने 4 साल में बॉलीवुड में कोई फिरौती की घटना सुनी है क्या? पठानकोट के अलावा कहीं और कोई विस्फोट या हमला हुआ है? पिछले चार साल में भ्रष्टाचार की कोई बड़ी घटना नहीं हुई, अब आप तय करें? अनुसूचितजाति-अनपढ़ महिलाओं तक उज्ज्वला किसने पहुंचाई? 115 पिछड़े जिलों की पहचान कर विकास की मुख्यधारा में कौन लाया?

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