गरीब मेधावी छात्र-छात्राओं को उच्च तकनीकी शिक्षा हुआ अब आसान।

बिहार सरकार के सात निश्चय योजना में से एक आर्थिक हल युवाओं को बल कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र द्वारा उच्च शिक्षा हेतु अधिकतम 4लाख का शिक्षा ऋण 24 हजार भत्ता एवं सभी युवाओं को कुशल बनाने का कार्य जिला पदाधिकारी के मार्गदर्शन में मिशन मोड में किया जा रहा है। उक्त बातें डी आर सी सी सुनील कुमार सहायक प्रबंधक बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में भुजंगी उषा इंटर कॉलेज,

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से 12वीं पॉलिटेक्निक के लिए 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को सामान्य एवं तकनीकी उच्च शिक्षा हेतु अधिकतम 4 लाख 4% पुरुषों एवं 1% महिला दिव्यांग शिक्षा ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। अधिकतम 4लाख कॉलेज की फीस के साथ साथ किताब शिक्षण सामग्री के लिए प्रतिवर्ष ₹10000 एवं आवास के लिए वर्गीकृत शहरों के आधार पर क्रमशः 60हजार 48 हजार 36 हजार प्रतिवर्ष राशि आवेदक को उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इस राशि पर कोर्स पूरा करने एवं समय अवधि की समाप्ति के पश्चात 2लाख तक के ऋण को 5 वर्ष में तथा दो लाख से ऊपर के लिए 7 वर्षों में वापस किया जा सकेगा। नियोजन या स्वरोजगार नहीं की स्थिति में दिसंबर में शपथ पत्र बीआरसीसी को देना होगा कि आवेदक नियोजित है या नहीं है। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के माध्यम से ऐसे युवा जिनकी उम्र 20 से 25 वर्ष एवं 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई नहीं कर रहे हो उनको प्रतिमाह भत्ता के रूप में ₹1000 प्रति वर्ष दिया जाएगा 2 वर्षों के लिए इसके साथ-साथ कुशल युवा कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को कुशल कंप्यूटर कम्युनिकेशन सॉफ्ट स्किल बनाया जाता है। ऐसे युवा जिनकी उम्र 15 वर्ष से 28 वर्ष के बीच में है अपने नजदीकी स्किल डेवलपमेंट सेंटर कुशल युवा का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं ।इस मौके पर उपस्थि कॉलेज के प्रोफेसर दिलीप कुमार यादव ने कहा कि हर तबके के छात्र-छात्राएं आगे बढ़े दुनिया बहुत आगे बढ़ रही है। शिक्षा को अनिवार्य समझे शिक्षा से ही समृद्ध देश का विकास हो सकता है।शिक्षा ही देश की रीढ़ है। शिक्षा के अभाव में हम अपनी जिंदगी को आगे नहीं बढ़ा सकते। विद्यालय प्रांगण में उपस्थित विद्यालय के प्रधानाचार्य सत्तानंद संबुद्ध ,उप प्राचार्य प्रोफेसर आदित्य कुमार प्रोफेसर प्रवेश कुमार सिंह इत्यादि लोग उपस्थित थे।