भारत में अगले साल से चलेगी हाइड्रोजन से चलनेवाली ट्रेन, रेल मंत्री ने किया ऐलान, दुनिया के सिर्फ एक देश में यह सुविधा

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16 सितम्बर 2022

नई दिल्ली  : भारतीय रेलवे में लगातार सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। न सिर्फ ट्रेनों के रखरखाव को बेहतर किया गया है। बल्कि नई तकनीक के साथ ट्रेनों की गति बढ़ाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। इस दिशा में अब भारतीय रेलवे अब अगले साल तक हाइड्रोजन से चलनेवाली ट्रेन चलाने की तैयारी में जुट गया है। दुनिया में हाइड्रोजन से चलनेवाली ट्रेन अब तक सिर्फ जर्मनी में है। जहां इसी साल इस ट्रेन को शुरू किया गया था।

हाइड्रोजन से चलनेवाली ट्रेन के निर्माण की पुष्टि खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की है। .ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित SOA यूनिवर्सिटी में वैष्णव ने कहा कि भारत हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें बना रहा है और यह साल 2023 तक तैयार हो जाएंगी. वैष्णव ने कहा कि गतिशक्ति टर्मिनल्स पॉलिसी के तहत रेल नेटवर्क के जरिए भारतीय रेलवे दूरस्थ इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है. यह काम तेज रफ्तार से चल रहा है

अब तक जर्मनी ने ही किया है निर्माण

अब तक सिर्फ जर्मनी ने ही हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों का निर्माण किया है. इसी साल जर्मनी ने हाइड्रोजन से चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों की पहली खेप लॉन्च की है. फ्रेंच कंपनी आल्सटॉम ने 92 मिलियन डॉलर की लागत से 14 ट्रेनों का निर्माण किया है।

ट्रैक  को बेहतर करने पर काम

इससे पहले ट्रेन और ट्रैक मैनेजमेंट के बारे में मंत्री ने कहा था, ‘हमारा फोकस सिर्फ ट्रेन बनाने पर ही नहीं है. हम ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम पर भी काम कर रहे हैं ताकि सेमी हाई स्पीड ट्रेनें चलाई जा सकती हैं. वंदे भारत एक्सप्रेस के ट्रायल रन में हमने दिखाया था कि 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ट्रेन में पानी से भरा ग्लास रखा था और वह जरा भी नहीं हिला लेकिन इसने दुनिया को हैरान कर दिया

रेल मंत्री ने कहा, ‘स्वदेशी तकनीक के जरिए भारत में ही हाईस्पीड वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया गया और ये ट्रेनें पिछले दो साल से बिना किसी बड़ी खराबी के चल रही हैं.’ उन्होंने कहा कि ऐसी ही और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें आईसीएफ में बनाई जा रही हैं और जल्द ही इनको सेवा में लाया जाएगा. हाल ही में वंदे भारत ट्रेन को रेलवे सेफ्टी कमिश्नर से ग्रीन सिग्नल मिला था.