भूमिका बनाई, दुनिया भर के देशों के वंशवाद का उदाहरण दिया, फिर सदानंद के बेटे को सौंप दी गद्दी

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चर्चित बिहार भागलपुर.  लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर कहलगांव में हुए प्रदेश के पहले प्रमंडलीय कांग्रेस सम्मेलन में देश और प्रदेश के 80 नेताओं की मौजूदगी में पहले तीन चरण में भूमिका बनाई गई, फिर दुनिया भर के देशों के वंशवाद का उदाहरण दिया गया और इसके बाद कहलगांव विधायक सदानंद सिंह के बेटे शुभानंद मुकेश को नेताओं ने राजनीतिक गद्दी सौंप दी।

इसके बाद दिग्गज कांग्रेसियों ने लोकसभा चुनाव में भाजपा से दो-दो हाथ करने के लिए कार्यकर्ताओं में जान फूंका। भाजपा के कांग्रेस पर लगाए जा रहे परिवारवाद के आरोप के जवाब में कथा सुना सदानंद के राजनीतिक परिवारवाद को जायज भी ठहराया।

3 फरवरी को पटना में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली होगी। इसमें सभी कार्यकर्ताओं को शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। शारदा पाठशाला खेल मैदान में शुक्रवार सुबह 11 बजे शुरू सम्मेलन में सबसे पहले विधायक सदानंद सिंह मोदी सरकार पर बरसे। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के किए वादों को धोखा बताया।

इसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने मोर्चा संभाला और विधायक सदानंद के बेटे की ताजपोशी की भूमिका बनानी शुरू कर दी। उन्होंने कांग्रेस पर भाजपा के लगाए जा रहे परिवारवाद पर बोलना शुरू किया।

कहा-परिवारवाद मानव स्वभाव है। यह सिर्फ भारत में ही नहीं है, विदेशों में भी होता रहा है। वर्मा, अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस में भी नेताओं के वंशजों ने सत्ता संभाली। आप जो बोते हैं, वह अच्छा है तो उसका फायदा आपके बाद की पीढ़ी को होगा ही।

दोपहर 1.10 बजे विधायक अवधेश सिंह ने सदानंद के बेटे शुभानंद मुकेश के विधायक की विरासत संभालने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा, शुभानंद की पहली ट्रेनिंग सफल रही, बधाई।

इस तस्वीर में सिर्फ यही दो चेहरे
सम्मेलन खत्म होने के साथ मंच से कांग्रेस के दिग्गज एक-एक कर उतरने लगे। उस वक्त ऐसा लगा कि मंच से उतरने के लिए लगी सीढ़ी सियासी बन गई हो। जिस पर सदानंद सिंह नीचे तो उनके बेटे शुभानंद मुकेश ऊपर नजर आए। सदानंद सिंह को किसी ने सहारा देकर सीढ़ी से नीचे उतारा।

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