बिहार केशरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को भारत रत्न देने की मांग, भाजपा एमएलसी सच्चिदानंद राय ने कहा अनुशंसा करे बिहार राज्य सरकार

भाजपा एमएलसी सच्चिदानंद राय ने बिहार केशरी और राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह को भारत रत्न देने के लिए सरकार से अनुशंसा करने की मांग की है. इसके लिए उन्होंने बिहार विधान परिषद के सभापति को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया है. उन्होंने कहा की बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह की पुण्यतिथि के 60 साल पूरे हो गए. स्वच्छ राजनीति की चाह रखने वाले लोगों के लिए आज भी श्रीबाबू प्रकाश स्तंभ के रूप में है.

उन्होंने कहा की अगर भ्रष्टाचार, वंशवाद, जातिवाद और राजनीतिक बीमारियों से बचना है तो श्रीबाबू के आदर्शों पर चलना ही एकमात्र दवा है. वह मुख्यमंत्री भले बिहार के रहे हो. लेकिन उनका कद किसी राष्ट्रीय नेता से विराट था. देश में ऐसा कोई उदाहरण नहीं है कि 1937 में प्रधानमंत्री प्रीमियर व्यक्ति अपने जीवन पर्यंत 1961तक मुख्यमंत्री रहे. आजीवन श्रीबाबू अपने चुनाव क्षेत्र में वोट मांगने नहीं गए. दलितों के प्रति उनके प्रेम का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण देवघर के मंदिर में खुद जाकर दलितों के साथ पूजा करना है. सर्वप्रथम देश में जमींदारी उन्मूलन का काम श्रीबाबू ने की किया.भाजपा एमएलसी सच्चिदानंद राय ने कहा की विकास के प्रति प्रतिबद्धता का नजीर एचईसी हटिया, सिंदरी, बोकारो इस्पात संयंत्र, पतरातु थर्मल पावर, बरौनी रिफायनरी फर्टिलाइजर और थर्मल पावर, डालमियानगर उद्योग समूह, अशोक पेपर मिल सहित दर्जनों चीनी कारखाने हैं. उनकी ईमानदारी संदेह से परे थी. गांव के पुश्तैनी घर का खपरैल नहीं उतरा. आजीवन मुख्यमंत्री रहे. उस व्यक्ति का पटना में घर नहीं बना. कोई बैंक बैलेंस नहीं. मरने पर तिजोरी राज्यपाल की उपस्थिति में खोला गया तो ₹24500 वसीयत के साथ निकले. जिसमें परिवार के लिए एक रुपया नहीं था.

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