बिहार जातीय जनगणना पर आर-पार के मूड में तेजस्वी यादव ने , CM नीतीश कुमार को दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम

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न्यूज़ डेस्क
अप्रैल 10/05 /2022

पटना. बिहार में जाति जनगणना को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) आर-पार के मूड में दिखाई दे रहे हैं. जनगणना को लेकर तेजस्वी यादव ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को 72 घंटे का अल्टीमेटम दे डाला है. मंगलवार को पटना के राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि जातीय जनगणना (Caste Census) को लेकर नीतीश कुमार लगातार टालमटोल कर रहे हैं. इस मुद्दे पर नीतीश कुमार ने देर करने की टेक्टिस की रणनीति बनाई हुई है जो अब नहीं चलने वाली.

तेजस्वी ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार अगले 48 घंटे से लेकर 72 घंटे के बीच जातीय जनगणना पर अपना रुख साफ करें. इसके लिए मैं खुद उनसे मिलने के लिए तैयार हूं. मुख्यमंत्री से मिलने का समय आज ही लूंगा, अगर मुझसे मिलने का समय नहीं मिला तो आगे की रणनीति तैयार है.

CM नीतीश पर कोरोना का बहाना बनाने का लगाया आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने जातीय जनगणना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिए बयान पर भी सवाल खड़ा किया है. पिछले दिनों सीएम नीतीश ने जातीय जनगणना को लेकर कहा था कि कोरोना के हालात में जातीय जनगणना कराना मुश्किल है. कोरोना के बाद इस मुद्दे पर गंभीरता से सोचा जाएगा. इस पर तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर कोरोना का बहाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज न तो कोई मास्क लगाता है, और न ही कहीं सोशल डिस्टेंसिंग है. जातीय जनगणना कराए जाने के लिए सिर्फ एक कैबिनेट की बैठक की जरूरत है जिसमें बैठ कर फैसले लेना है. यह फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी लिया जा सकता है.

पैदल पटना से दिल्ली कूच करने की कही बात
तेजस्वी यादव ने जातीय जनगणना पर अपना रुख साफ करते हुए कहा कि यदि जनगणना नहीं कराई जाती है तो हम लोगों के पास और कोई चारा नहीं बचता है. पटना से दिल्ली पैदल मार्च करते हुए कूच करेंगे. उन्होंने कहा कि आज बिहार में मुद्दे को भटकाने की कोशिश की जा रही है. यहां महंगाई-बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर बात नहीं हो रही है बल्कि बुलडोजर और लाउडस्पीकर पर चर्चा की जा रही है.