विकाश और विनाश की कड़ी है जलवायु परिवर्तन : कुलपति

पृथ्वीराज यदुवंशी/विशेष संवाददाता
चर्चित बिहार :- 1750 से शुरू हुए ओद्योगिक क्रांति ने प्रकृति का संतुलन बिगाड़ दिया और आज पूरा विश्व ग्लोबल वार्मिंग के चलते विनाश के कगार पर खड़ा है। व से विनाश और व से ही विकाश होता है और पूरी दुनियां विकास और विनास के चक्रव्यू में फंसकर कराह रहा है।

लगातार जलवायु परिवर्तन को लेकर डेवलपमेंट डिस्ट्रक्शन में तब्दील हो रहा है। आने वाले दिनों में विश्व के दर्जनों मुल्कों का अस्तित्व मिट जाएगा। उपरोक्त बातें बीएन मंडल विवि के कुलपति प्रो अवध किशोर राय ने मधेपुरा कालेज मधेपुरा एवं जनपथ न्यूज़ टुडे के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जलवायु परिवर्तन पर आयोजित परिचर्चा एवं महान गणितज्ञ डॉ वशिष्ट नारायण सिंह स्मृति सम्मान कार्यक्रम को उद्घाटन करते हुए कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समाजसेवी प्रो रामचंद्र प्रसाद मंडल ने विषय प्रवेश करते हुए विस्तार से जलवायु परिवर्तन के वैज्ञानिक एवं मानवरहित दोषों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम जे स्वागताध्यक्ष-सह- मधेपुरा कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ अशोक कुमार ने कुलपति समेत कार्यक्रम में शिरकत करने आये अतिथियों का स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि के तौर पर बोलते हुए मुम्बई से आये ज्योतिषाचार्य रूपेश पाठक ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति पर पूरे विश्व को चलने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय सभ्यता और संस्कृति पर विश्वफ़ नहीं चला तो पूरी कायनात समाप्त हो जाएगी। कार्यक्रम मरण विशिष्ट अतिथि के तौर पर बोलते हुए केंद्रीय फ़िल्म सेंसर बोर्ड के सदस्य शेख रईस अहमद ने कहा कि भारत सरकार वैश्विक मुद्दा एवं समसामयिक मुद्दों ने जलवायु परिवर्तन पर बनने वाले फिल्मों एवं लघु फिल्मों को फण्ड देकर प्रोमोट करती है और आगे भी करती रहेगी। अतिथि के तौर पर बोलते हुए हड्डी एवं नस रोग विशेषज्ञ डॉ दीपक कुमार ने वैज्ञानिक पहलू और वर्तमान चिकित्सा पद्धति को उधृत करते हुए जलवायु परिवर्तन से होने वाले विनाश की और इशारा किया। अंतरराष्ट्रीय उद्घोषक पृथ्वीराज यदुवंशी के संचालन में चले कार्यक्रम में मुख्य रूप से जनपथ न्यूज़ की संपादक रूबी कुमारी, पटना उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता उपेंद्र प्रसाद एवं वीणा कुमारी जायसवाल ने भी कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की। कार्यक्रम के प्रारंभ में जनपथ न्यूज़ के प्रबंध संपादक राजीव रंजन एवं कोसी व्यूरो विनोद राज के नेतृत्व में अतिथियों को अंगवस्त्रम एवं पाग वो बुके से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में महविद्यालय की छात्रा आरती कुमारी नर स्वागत गान गाया। कार्यक्रम के अंत में कुलपति के हाथों विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रतिभा को डॉ वशिष्ट नारायण सम्मान से सम्मानित किया गया।

सम्मान पाने वालों में मुख्य रूप से डॉ दीनानाथ मेहता, डॉ रामसुंदर दास, डॉ पूनम यादव, प्रतीक रंजन,पृथ्वीराज यदुवंशी,अभिलाषा कुमारी,सनी कुमार,गजेंद्र कुमार यादव,रजनीकांत झा,डॉ आभाष आनंद झा,रिदम सरगम,चंद्रमणि,बबलू कुमार सिंह और प्रवेश कुमार प्रभाकर मुख्य रूप से शामिल हुए।