अवैध पैथोलॉजी लैबोरेट्री को दो सप्ताह में बंद करे राज्य सरकार: हाईकोर्ट

चर्चित बिहार पटना. हाईकोर्ट ने राज्य में अवैध और बगैर बुनियादी सुविधाओं वाले सभी पैथोलॉजी लैबोरेट्री को दो सप्ताह के अंदर बंद करने का आदेश दिया है। गुरुवार को कोर्ट ने कहा कि सरकार ने जिन 19 जिलों की जांच में अवैध रूप से चल रहे पैथोलॉजी लैबोरेट्री को पाया है, उसे तुरंत बंद कर दिया जाए। शेष जिलों की जानकारी भी अगली सुनवाई पर कोर्ट में पेश की जानी चाहिए।

सभी अवैध पैथोलॉजी को नोटिस जारी
-मुख्य न्यायाधीश मुकेश आर. शाह और न्यायाधीश डॉ रवि रंजन की खंडपीठ ने इस मामले पर पूर्व में ही सुनवाई करते हुए अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में अपना आदेश सुनाया। सुनवाई के समय अदालत को राज्य सरकार के अधिवक्ता अनिल कुमार सिन्हा ने बताया था कि पटना के 213 पैथोलॉजी लैब में से 58 पैथोलॉजी लैब जो मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। इतना ही नहीं राज्य के अन्य 18 जिलों में भी अवैध रूप से बिना बुनियादी सुविधाओं के चल रहे सैकड़ों पैथोलॉजी लेबोरेट्री को चिन्हित कर नोटिस किया जा चुका है।

-राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि पूर्वी चंपारण में चल रहे 77 पैथोलॉजी लैब में से 13 पैथोलॉजी लैब जो अवैध रूप से चल रहे थे उन्हें बंद किया जा चुका है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के अधिवक्ता कुमार बृजनंदन ने अदालत को बताया कि एमसीआई के प्रावधानों के अनुसार केवल पैथोलॉजी के योग्यताधारी डॉक्टर के हस्ताक्षर के बाद ही कोई भी जांच रिपोर्ट जारी की जा सकती है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा कि सूबे के सभी जिला में हजारों की संख्या में पैथोलॉजी लैब खुल गए हैं। इन लैबोरेट्रीज में न तो योग्य डॉक्टर हैं और न ही टेक्नीशियन। जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर हमेशा संशय बना रहता है।