परिवारवाद पर घिरे तेजस्वी यादव नितीश कुमार पर पलटवार , नीतीश खुद 5 भाई-बहन

चर्चित बिहार
दिनांक : २२/०४ /२०२४

बिहार  :- परिवारवाद पर घिरे तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पलटवार करते हुए कहा कि वो खुद पांच भाई-बहन हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि लालू के परिवार पर सवाल उठाने वालों को पहले खुद की जानकारी ठीक कर लेनी चाहिए.

बिहार की सत्ता पर काबिज नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार इन दिनों तेजस्वी को परिवारवाद के मुद्दे पर घेर रहा है. लालू–राबड़ी के बच्चों की गिनती करने पर तेजस्वी ने देश के बड़े नेताओं के परिवार में भाई-बहन और उनके बच्चों की पूरी लिस्ट गिना डाली है. तेजस्वी का कहना है कि जो लोग लालू परिवार पर सवाल उठा रहे हैं उन्हें अपनी जानकारी ठीक करनी चाहिए. संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर 14 भाई बहन थे, सुभाष चंद्र बोस भी 14 भाई बहन थे, नीतीश कुमार खुद 5 भाई-बहन हैं, अटल बिहारी वाजपेई 7 भाई-बहन थे.

बिहार के मुजफ्फरपुर में मामूली विवाद में चिकन दुकानदार की पीट-पीटकर हत्या, सड़क किनारे पड़ा मिला शव इलाके में दहशत का मौहाल

चर्चित बिहार
दिनांक : २२/०४ /२०२४

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक चिकन दुकानदार की मामूली विवाद में पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है. उसका शव सड़क किनारे पड़ा हुआ मिला. आरोप है कि कुछ लोग उसे बुलाकर ले गए थे, जहां उसकी जमकर पिटाई की, जिसमें उसकी मौत हो गई.

यह घटना सकरा थाना क्षेत्र की है, जहां चिकन की दुकान चलाने वाले एक अधेड़ शख्स का शव सड़क किनारे पड़ा दिखाई दिया. जानकारी के मुताबिक, चिकन दुकानदार हरेंद्र राम की पड़ोस के गांव के ही 20-25 लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी और शव को सड़क किनारे फेंक दिया. उसके बाद आरोपी फरार हो गए.

JDU के लिए BJP ने की तैयारी, प्रधानमंत्री से लेकर गृह मंत्री तक करेंगे प्रचार, दूसरे चरण के लिए NDA ने झोंकी ताकत

पटना. लोकसभा चुनाव के पहले चरण का चुनाव खत्म हो गया है. अब दूसरे चरण का चुनाव 26 अप्रैल को होगा. दूसरे चरण में बिहार के कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, बांका और भागलपुर सीट पर मतदान होना है. इन 5 सीटों में से कटिहार, पूर्णिया, बांका और भागलपुर पर जेडीयू का कब्जा है. वहीं किशनगंज सीट पर भी जदयू ही चुनाव लड़ रहा है. इन सीटों पर जीत हासिल करने के लिए जदयू और बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक रखी है. भले ही दूसरे चरण में सभी सीटों पर जेडीयू के उम्मीदवार उतारे गए हो लेकिन, इन सभी सीटों को जीतने के लिए बीजेपी ने भी पूरी ताकत लगा रखी है.

26 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के चुनाव के पहले प्रधानमंत्री से लेकर गृह मंत्री और रक्षा मंत्री तक संबोधित बिहार में चुनावी सभाओं को संबोधित करने वाले हैं. वहीं जदयू की ओर से खुद सीएम नीतीश कुमार ने मोर्चा संभाल रखा है. हालांकि उनके साथ जेडीयू के अन्य वरिष्ठ नेता भी लगातार इन लोकसभा क्षेत्र में रहकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं.

पीएम और गृह मंत्री दोनों करेंगे चुनावी सभा

बता दें, एनडीए के लिए दूसरे चरण का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि एनडीए ने बिहार में 40 में से 40 जीतने का नारा दिया है. ऐसे में इस नारे को पूरा करने के लिए एनडीए की ओर से सीमांचल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. यही वजह है कि सीमंचल में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी रैली करने वाले है. जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री एक रैली अररिया में करेंगे. वहीं दूसरी रैली मुंगेर में करेंगे, जिससे बांका और भागलपुर में एनडीए उम्मीदवार को फ़ायदा मिलने की उम्मीद है.

सीमांचल में मिली सफलता तो मिथिलांचल में भी लाभ

वही अमित शाह कटिहार में रैली कर चुके है. बीजेपी का मानना है कि सीमांचल अगर सध गया तो आने वाले चरण में इसका बड़ा असर कोशी और मिथिलांचल पर भी पड़ेगा. दरअसल एनडीए मुस्लिम बहुल इलाका माने जाने वाले सीमांचल से एनडीए बड़ा संदेश देना चाहता है. धारा 370 का मामला हो या राम मंदिर का बीजेपी इसे प्रमुखता से सामने लाएगी. वहीं जदयू भी दूसरे चरण की पांच सीटों को जीतने के लिए नजरें बीजेपी पर टिकाए हुए हैं. जदयू का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रियता का फायदा उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को मिलेगा. जदयू ना सिर्फ अपने चार सीट को फिर से अपने कब्जे में करेगी बल्कि इस बार किशनगंज सीट भी जीतने की पूरी कोशिश करेगी.

कटिहार में बोले गृह मंत्री अमित शाह- लालू ने बिहार में जंगल राज ला दिया था, अब फिर लालटेन युग में ले जाना चाहते हैं

कटिहार. बिहार के कटिहार जिले के राजेंद्र स्टेडियम में रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी सभा को संबोधित किया. गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत के साथ ही लोगों से एनडीए के पक्ष में वोट करने और पीएम नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने की अपील की. इस दौरान अमित शाह ने कहा कि त्रिमुहानी संगम की इस पवित्र भूमि कटिहार को प्रणाम करता हूं. उन्होंने कहा कि देश की जनता को तय करना है कि अगले 5 साल के लिए प्रधानमंत्री कौन होगा? जहां-जहां जाते हैं लोग मोदी मोदी का नारे लगाते हैं.

अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने इस देश से परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण को भी समाप्त करने का काम किया है. इतने सालों से कांग्रेस पार्टी और इनके साथी लालू जी कहते थे गरीबी हटाओ. लेकिन, गरीबी नहीं हटी पर मोदी जी ने जनता को मुफ्त में अनाज देने का काम किया. दस साल के अंदर मोदी जी ने गरीबों के जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन किया. आप लोगों को लालू-राबड़ी का शासन याद है कि नहीं.

‘लालू ने बिहार में जंगल राज ला दिया था’

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिहार को लालू ने जंगल राज में बदल कर रख दिया था. लालू यादव की सरकार में गरीब, अति पिछड़े के साथ अत्याचार किया जा रहा था. मैं लालू जी को कहना चाहता हूं कि कांग्रेस ने मंडल कमीशन का विरोध किया था और ऐसे विरोधी की गोद में लालू और इनके बेटे बैठे हैं. नरेंद्र मोदी ने पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक मान्यता दिया. पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने का काम किया. केंद्रीय विद्यालय,नवोदय विद्यालय और सैनिक स्कूल के दाखिले में भी आरक्षण दिलाया है.

‘बिहार को लालटेन युग में ले जाना चाहते हैं लालू’

अमित शाह ने कहा कि आज कश्मीर हमारा है या नहीं बताएं. धारा 370 को लालू और कांग्रेस पार्टी ने पचा कर रखा था. मोदी जी ने धारा 370 को समाप्त किया. कांग्रेस की सरकार थी आतंकवादी घुसते थे कोई कुछ नहीं बोलता था. मोदी की सरकार आई पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तानियों के घर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक किया. नीतीश बाबू ने गांव गांव में बिजली पहुचाई और वे फिर से बिहार को लालटेन युग में ले जाना चाहते, ओबीसी पर अत्याचार करना चाहते हैं.

‘डबल इंजन की सरकार बनी तो विकास मिलेगा’

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गरीबों को हर दिन डेढ़ लाख लोगों को मुद्रा लोन देने का काम किया. मोदी जी 10 साल में 9 लाख 23 हजार करोड़ रुपए देने का काम किया. कटिहार में ढेर सारे काम हुए हैं. नारायण पुर पूर्णिया सड़क का काम, 4 लेन सड़क, बाईपास का काम, रिवर फ्रंट का काम, ओवर ब्रिज का हुआ. कटिहार में इंजीनियरिंग कॉलेज बना, पॉलिटेक्निक कॉलेज का निर्माण हो रहा है. लालू के साथ और पंजे के साथ जायेंगे तो अत्याचार मिलेगा. मोदी जी यानि डबल इंजन की सरकार के साथ जायेंगे तो विकास मिलेगा.

लोजपा सांसद ही चिराग पासवान के सपने को तोड़ने पर उतारू; टिकट नहीं मिला तो राजद में जा रहे कैसर

Bihar : महबूब अली कैसर ने पशुपति पारस की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी का साथ छोड़ दिया है। वह कल राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने बताया कि टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। वह अब महागठबंधन का प्रचार करेंगे।

लोक जनशक्ति पार्टी के खगड़िया सांसद ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान का सपना तोड़ने के लिए जमीन पर उतर रहे हैं। चौधरी महबूब अली कैसर रविवार को राजद में शामिल होंगे। चौधरी महबूब अली कैसर खगड़िया से लोजपा की टिकट पर दो बार सांसद बने हैं। तीसरी बार उनको पार्टी की तरफ से टिकट मिलने की संभावना खत्म हो गई, क्योंकि वह पशुपति कुमार पारस के गुट लोक जनशक्ति पार्टी (राष्ट्रीय) में चले गए थे। पारस ने सीटों पर समझौते की जगह केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली थी। पारस समेत उनके गुट में रहे भतीजे प्रिंस पासवान और चंदन सिंह भी बेटिकट हो चुके थे। ऐसे में कैसर ने धीरे से चिराग को साधने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। चिराग ने खगड़िया से नया प्रत्याशी दे दिया, तब कैसर ने राष्ट्रीय जनता दल से डील फाइनल कर ली। शनिवार को उन्होंने लोजपा से इस्तीफा दिया। रविवार को राष्ट्रीय जनता दल के कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव और प्रदेश अध्यक्ष जगदानन्द सिंह के सामने राजद की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

लोजपा सहित एनडीए को बिहार में उठाना पड़ेगा भारी नुकसान
चौधरी महबूब अली कैसर तीसरी बार चुनाव लड़ना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने चिराग पासवान से संपर्क भी किया था लेकिन उनकी बात नहीं बनी। आरोप है कि पार्टी के द्वारा सिटिंग एमपी को टिकट नहीं दिया गया, जिसके बाद से वे नाराज चल रहे थे। चौधरी महबूब अली कैसर ने चिराग पासवान पर हमला करते हुए कहा कि वह खगड़िया में महागठबंधन के लिए प्रचार करेंगे और महागठबंधन के प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि खगड़िया में महागठबंधन की जीत निश्चित होगी। वहीं बिहार में एनडीए का सूपड़ा साफ हो जाएगा। जानकारी के मुताबिक रविवार को वह पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद से जाकर मिलेंगे। इसके बाद वे विधिवत राजद की सदस्यता लेंगे।

चिराग से किया गया था बगावत
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की मृत्यु के बाद चौधरी महबूब अली कैसर चिराग को छोड़कर पशुपति कुमार पारस के गुट में शामिल हो गए थे। बगावत के बाद भी उन्होंने लंबा समय वहीं गुजारा, लेकिन जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में चिराग पासवान की वापसी के बाद उनका महत्व बढ़ने लगा तो कैसर ने यह चिराग से निकटता की काफी कोशिश की। उन्हें सफलता नहीं मिली। जानकारों का कहना है कि चिराग पासवान ने इन्हीं सब वजहों से खगड़िया लोकसभा सीट से इस बार राजेश वर्मा को टिकट देकर प्रत्याशी बनाया है।

बिहार के मुख्य मंत्री श्री नितीश कुमार परिवारवाद पर लालू परिवार पर किया हमला

पैदा तो बहुत कर दिए। इतना ज्यादा बच्चा पैदा करना चाहिए किसी को?- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर लालू प्रसाद यादव के परिवारवाद पर सीधा हमला बोला। उन्होंने लालू-राबड़ी राज की स्थितियों को याद दिलाते हुए यह बातें कही।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनावी सभा के दौरान बड़ा बयान दे दिया है। कटिहार में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने लालू परिवार पर विवादित टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इन दिनों सब कुछ दावा करते हैं। जब उन्हें हटाया गया तो उन्होंने अपनी पत्नियों को नियुक्त किया। अब, इन दिनों यह उनके बच्चे हैं। आप पैदा तो बहुत कर दिए। इतना ज्यादा बाल-बच्चा किसी को पैदा करना चाहिए किसो को क्या? लेकिन, इतना किया। अब उन्होंने अपने बेटे-बेटियों सबको शामिल कर लिया है, वो हर जगह कुछ-न-कुछ कहते रहते हैं, पुरानी बातें भूल जाते हैं, इसलिए मैं सबको बताना चाहता हूं कि कोई भी काम नहीं हो पाता था बाहर, कोई सड़क या शिक्षा नहीं थी…”

इससे पहले पूर्णिया के बनमनखी में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि पति-पत्नी ने बिहार में राज किया। पति हटे तो पत्नी को सीएम बना दिया। 2005 से पहले बिहार में कुछ भी नहीं था। लोग बाहर निकलने से डरते थे। इसके बाद देखिए कितना काम हुआ है। हमने सब काम करवाया। उन्होंने कहा कि कहा कि नीतीश कुमार ने लोगों से कहा कि अपने बच्चों को बताइए कि पहले क्या हाल थे और अब क्या हैं। उन लोगों के राज में हिंदू-मुस्लिम के झगड़े होते थे। मुस्लिम वोट के लिए कुछ भी करते थे। हम आए तो देखिए झगड़े बंद हो गए।

बीमा भारती के बारे में सीएम ने कह दी यह बात

वहीं सीएम नीतीश कुमार ने बीमा भारती जमकर निशाना साधा। उन्होंने रहा कि बीमा भारती को विधायक बनाए, कैबिनेट में भी शामिल किया। जिद पर अड़ी थीं मंत्री बना दीजिए। मना कर दिए तो सब कुछ भूल के इधर से उधर चली गईं। बिहार के विकास के लिए हमलोगों ने कितना काम किया है। देर शाम होते ही लोग 2005 से पहले नहीं निकलते, लेकिन जब से हम सरकार बने जंगलराज को मिटा दिए। इस दौरान तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि नौकरी हमने दी है। जब हम NDA के साथ थे, तभी लोगों को रोजगार और नौकरियां मिल रही थी। सीएम ने कहा कि उन लोगों को खुला छोड़ा तो इधर से उधर गड़बड़ी कर रहे थे। बर्दास्त से बाहर हुआ तो अलग होना पड़ा।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए प्रत्याशी संतोष कुशवाहा के पक्ष में वोट करने की लोगों से अपील की।

ईवीएम में कैद हुई गडकरी, नकुल नाथ समेत इन दिग्गजों की किस्मत, जानें सभी हॉट सीटों का हाल

लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान शुक्रवार को खत्म हो गया। इस चरण में नौ केंद्रीय मंत्री, दो पूर्व मुख्यमंत्री और एक पूर्व राज्यपाल भी चुनाव मैदान में रहे हैं।

लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान शुक्रवार को संपन्न हो गया है। इस चरण में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की 102 सीटों के लिए मतदाता वोट डाले गए। इसके साथ ही कुल 1625 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। इन उम्मीदवारों में नौ केंद्रीय मंत्री, दो पूर्व मुख्यमंत्री और एक पूर्व राज्यपाल शामिल हैं।

पहले चरण में जिन 102 सीटों पर मतदान हुआ है, उनमें तमिलनाडु की सभी 39 सीटें, राजस्थान की 12, उत्तर प्रदेश की आठ, मध्य प्रदेश की छह, उत्तराखंड की सभी पांच, महाराष्ट्र की पांच, असम और बिहार की चार-चार, पश्चिम बंगाल की तीन, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश की दो-दो, छत्तीसगढ़, मिजोरम और त्रिपुरा की एक-एक सीट शामिल है।

2019 के लोकसभा चुनाव में इन 102 सीटों पर कुल 69.96% मतदान हुआ था। इन सीटों में सबसे ज्यादा मतदान अरुणाचल प्रदेश की अरुणाचल पूर्व सीट पर हुआ था। यहां के 87.03% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। वहीं, सबसे कम मतदान बिहार की नवादा सीट पर हुआ था। यहां के महज 49.73% मतदाताओं ने वोट डाला था।

पहले चरण में जिन 102 सीटों पर मतदान हुआ है उनमें से कई सीटें ऐसी हैं जहां से दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर रही है। इनमें नागपुर से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से लेकर पीलीभीत से योगी सरकार के मंत्री जितिन प्रसाद तक शामिल हैं। आइये जानते हैं पहले चरण की ऐसी ही 26 हॉट सीटों के बारे में…

नितिन गडकरी: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी अपनी परंपरागत नागपुर सीट से एक बार फिर से चुनाव मैदान में हैं। गडकरी 2019 में यहां से जीते थे। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस के विकास ठाकरे से है। 2019 में नागपुर लोकसभा सीट पर 54.94% मतदान हुआ था।

किरेन रिजिजू: मोदी सरकार के एक और मंत्री किरेन रिजिजू एक बार फिर से अरुणाचल पश्चिम सीट से चुनाव मैदान में हैं। रिजिजू 2019 में भी यहां से जीते थे। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी है। 2019 में अरुणाचल पश्चिम सीट पर 78.50% मतदान हुआ था।

सर्बानंद सोनोवाल: असम के पूर्व मुख्यमंत्री सोवोनाल डिब्रूगढ़ सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं। वह मोदी सरकार में आयुष मंत्री हैं। 2019 में डिब्रूगढ़ से भाजपा के रामेस्वर तेली जीते थे। 2024 चुनाव में सर्बानंद सोनोवाल का मुकाबला लुरीनज्योति गोगोई से होगा, जो कांग्रेस के सहयोगी दल एजेपी के उम्मीदवार हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में डिब्रूगढ़ सीट पर 81.9% लोगों ने वोटिंग की थी।

जितेंद्र सिंह: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह एक बार फिर जम्मू कश्मीर की उधमपुर सीट से भाजपा के प्रत्याशी हैं। 2019 में यहां से जितेंद्र सिंह ही जीते थे। उनके सामने इस बार कांग्रेस से चौधरी लाल सिंह हैं। पिछले चुनाव में उधमपुर सीट पर 79.7% लोगों ने वोट डाले थे।

मंत्री अशोक चौधरी की बेटी शांभवी को चिराग पासवान ने बनाया उम्मीदवार, जानिए इनके बारे में

पटना : शांभवी चौधरी को समस्तीपुर सुरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. शांभवी चौधरी पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल की बहू हैं और उनके बारे में पहले जमुई से चुनाव लड़ने की चर्चा थी. हालांकि अब चिराग पासवान ने इन्हें समस्तीपुर सुरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाया है. शांभवी पहली दफे राजनीति में कदम रख रही हैं.

चिराग पासवान ने शनिवार को अपनी पार्टी के पांच उम्मीदवारों की आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की तरफ से 5 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की गई, जिसमें बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी को भी मौका दिया गया. शांभवी चौधरी को समस्तीपुर सुरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. शांभवी चौधरी पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल की बहू हैं और उनके बारे में पहले जमुई से चुनाव लड़ने की चर्चा थी. हालांकि अब चिराग पासवान ने इन्हें समस्तीपुर सुरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाया है. शांभवी पहली दफे राजनीति में कदम रख रही हैं.

रोहिणी ने राजीव प्रताप रूडी को बताया बेवकूफ बोलीं मुझे क्या उनके जैसा समझा है सारण की जनता को छोड़कर भाग जाता है

सारण से राजद प्रत्याशी रोहिणी आचार्य ने राजीव प्रताप रूडी को बेवकूफ बताया। राजद कार्यालय में कार्यकर्ताओं से बात करते हुए रोहिणी आचार्य ने कहा कि देखिए कितना अपार आशीर्वाद और प्यार मिल रहा है। यह (राजीव प्रताप रूडी) बेवकूफ आदमी है, जो बार बार भाग जाता है। मुझे क्या उसके जैसा समझा है। बस पांच साल में एक बार चेहरा चमकाने के लिए आते हैं। ये आशीर्वाद प्यार छोड़कर कोई बेवकूफ आदमी ही न होगा जो भागता होगा।

हालांकि, बीजेपी ने रोहिणी के बयान पर पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्णन ने कहा कि रोहिणी पहली बार सिंगापुर से छपरा आई हैं। जिस व्यक्ति के बारे में कह रही हैं, वह लालू-राबड़ी को भारी मतों से हरा चुका है। राजीव प्रताप रूडी के लिए छपरा उनका घर है, आपकी तरह कोई डेस्टिनेशन नहीं हैं। आपको सिंगापुर में मन नहीं लगा तो घूमने के बहाने छपरा से चुनाव लड़ रही है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के दिन नजदीक आने के साथ ही चुनावी सरगर्मी तेज होती जा रही है। नेताओं के एक दूसरे पर कटाक्ष और बयानबाजी भी तेज होने लगी है। गुरुवार को राजद कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मिलने के दौरान राजीव प्रताप रूडी पर कटाक्ष किया। बुधवार को छपरा में राजद के स्थानीय कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद रोहिणी आचार्य गुरुवार को कार्यकर्ताओं से मिल रही हैं।

हालांकि उद्घाटन के दो दिन बाद तक लालू प्रसाद और राबड़ी देवी भी छपरा में कैंप की हैं। लालू अपने पुराने साथी और कार्यकर्ताओं से बंद कमरे में एक-एक कर मिल रहे हैं। रोहिणी आचार्य की जीत को लेकर लोगों से मंत्रणा कर रहे हैं।

बिहार में पहले चरण की 4 सीटों पर वोटिंग कल:पूर्व CM, पूर्व मंत्री और 2 बार के सांसद मैदान में, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 4 बजे तक मतदान

बिहार में पहले चरण की चार सीटों औरंगाबाद, नवादा, गया और जमुई में शुक्रवार को वोटिंग होगी। चारों सीटों पर 38 प्रत्याशी मैदान में हैं। सुबह 7 बजे से 6,097 पोलिंब बूथ पर वोटिंग शुरू होगी।

एनडीए की तरफ से बीजेपी औरंगाबाद और नवादा सीट पर लड़ रही है, जबकि गया से हम के कैंडिडेट पूर्व सीएम जीतन राम मांझी मैदान में हैं। जमुई सीट पर चिराग के बहनोई अरूण भारती किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, चारों सीट पर इंडिया ब्लॉक की तरफ से आरजेडी के कैंडिडेट हैं।

सबसे ज्यादा गया में 14 और सबसे कम नवादा में 6 कैंडिडेट्स हैं।

निर्वाचन विभाग के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास ने बताया है कि शांतिपूर्ण मतदान कराने को लेकर सभी तैयारियां कर ली गई हैं।

चारों लोकसभा सीटों की 15 विधानसभा सीटें नक्सल प्रभावित

चार लोकसभा सीटों के 24 विधानसभा क्षेत्र में मतदान सुबह 7 बजे शुरू होगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में मतदान शाम चार बजे तक कराए जाएंगे। पहले चरण में 15 विधानसभा सीट नक्सल इफेक्टेड हैं। यहां सुरक्ष बलों की 153 कंपनियां तैनात की गई हैं। इन केंद्रों पर शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी। जबकि 9 विधानसभा में शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे।

सुरक्षित सीट जमुई के शेखपुरा विधानसभा में शाम 6 तक मतदान होगा। बाकी पांच तारापुर, सिकंदरा,जमुई, झाझा और चकाई विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्रों पर शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी।

वहीं, नवादा संसदीय सीट के तीन विधानसभा बरबीघा, हिसुआ और बारसलीगंज में मतदान शाम 6 बजे तक वहीं रजौली,हिसुआ और गोविंदपुर के मतदान केंद्र पर मतदान चार बजे तक करा लिए जाएंगे।

गया सुरक्षित सीट के भी तीन विधानसभा सीट गया टाउन,बेलागंज और वजीरगंज में मतदान सुबह 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक कराया जाएंगे, जबकि शेरघाटी,बाराचट्टी और बोध गया में मतदान शाम 4 बजे तक ही कराए जाएंगे।

औरंगाबाद संसदीय सीट के सिर्फ औरंगाबाद विधानसभा सीट पर मतदान सुबह 7 से 6 बजे तक होंगे। बाकी 5 सीट पर मतदान सुबह 7 से 4 बजे तक कराया जाएगा। कुटुंब रफीगंज गुरुवा इमामगंज और टिकरी विधानसभा सीटों के मतदान केंद्र पर मतदान सुबह 7 से 6 बजे तक कराया जाएगा।

जानिए चारों सीटों पर मुख्य पार्टियों के कैंडिडेट्स के बारे में

बनाए गए 6,097 पोलिंग बूथ

एचआर श्रीनिवास ने बताया कि पहले चरण में कुल 9,484 बैलेट यूनिट का प्रयोग किया जा रहा है। जबकि,इतने ही कंट्रोल यूनिट की का भी प्रयोग होगा। उन्होंने बताया है कि 10 हजार 274 VVPAT भी लगाए जाएंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया है कि पहले चरण में 6 हजार 97 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां पर मताधिकार का प्रयोग किया जाएगा। शहरी मतदान केंद्र की संख्या कम है। 5 हजार 490 ग्रामीण इलाकों में मतदान केंद्र बनाए गए हैं। शहरी क्षेत्र में 607 मतदान केंद्र पर वोटिंग होगी।

बिहार में 7 चरणों में चुनाव, कब- कहां